पं. नर्मदेश्वर शास्त्री

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Честные отзывы игроков о БК Pin-Up в Казахстане и вывод средств

Честные отзывы игроков о БК Pin-Up в Казахстане и вывод средств В данной статье мы рассмотрим, какие отзывы оставляют игроки о букмекерской конторе Pin-Up в Казахстане, а также процесс вывода средств. Pin-Up – это популярная платформа для ставок, которая привлекает внимание благодаря своей простоте и удобству. Однако стоит ли доверять этой букмекерской конторе? Мы собрали

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कुण्डली में सन्तान योग कैसे देखें? पंचम भाव से क्या-क्या जाना जाता है?

कुण्डली में सन्तान योग मुख्यतः पंचम भाव, पंचम भाव के स्वामी, सन्तान के कारक ग्रह गुरु और सप्तांश वर्ग-कुण्डली को एक साथ देखकर जाना जाता है। केवल पंचम भाव खाली या पीड़ित दिख जाने से सन्तान में बाधा का निर्णय नहीं होता। चारों का सम्मिलित बल देखा जाता है, और उसके साथ वर्तमान दशा तथा

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कुण्डली मिलान में 36 गुण मिलने पर भी विवाह असफल क्यों होता है?

सीधा उत्तर पहले: छत्तीस गुणों का मिलान वस्तुतः केवल चन्द्रमा की परीक्षा है, सम्पूर्ण कुण्डली की नहीं। अष्टकूट के आठों कूट वर और वधू के जन्म-नक्षत्र तथा चन्द्र राशि से ही बनते हैं, अर्थात् नौ ग्रहों में से केवल एक ग्रह कसौटी पर चढ़ता है। शेष आठ ग्रह, बारहों भाव, लग्न, सप्तमेश, नवांश और दशा-क्रम

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ज्योतिष उपाय कैसे काम करते हैं? रत्न, मंत्र और दान

रत्न, मंत्र और दान टोटके नहीं, कर्म-सिद्धांत के तीन शास्त्रोक्त द्वार हैं - रत्न शुभ ग्रह को बल देता है, मंत्र चित्त को अनुकूल करता है और दान पीड़क ग्रह की ऊर्जा का विसर्जन करता है। किन्तु वास्तविक विद्या यह निर्णय है कि कुंडली में कौन ग्रह शुभ है और कौन अशुभ - बिना भय, बिना चमत्कारी दावों के शास्त्रोक्त तर्क यहाँ समझें।

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राशि और लग्न में अंतर: राशिफल किस राशि से पढ़ें?

लग्न, चंद्र राशि और नाम राशि में क्या अंतर है और दैनिक राशिफल किस राशि से पढ़ना चाहिए? काशी की शास्त्र-परंपरा के आलोक में सरल, प्रमाण-सहित उत्तर - बिना भय, केवल गणित और विवेक के साथ।

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दशम भाव से करियर: नौकरी या व्यापार? कुंडली से जानें

कुंडली से करियर देखने की शास्त्रोक्त विधि - दशम भाव, दशमेश और नवांश। नौकरी या व्यापार का निर्णय किन भावों के बल से होता है और दशा-गोचर से सही समय कैसे चुनें - सरल हिन्दी में, प्रमाण-सहित, बिना भय के।

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नवांश कुंडली क्या है? वर्गोत्तम ग्रह और नवांश देखने की विधि

नवांश कुंडली (D-9) जन्मकुंडली का नौवाँ वर्ग है। 3°20′ की गणना-विधि, वर्गोत्तम ग्रह का बल, विवाह और दशा-फल में नवांश की भूमिका तथा नवांश देखने का शास्त्रीय क्रम - सरल हिन्दी में, प्रमाण-सहित।

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शनि की साढ़ेसाती के तीन चरण क्या हैं और किस चरण में क्या फल मिलता है?

सीधा उत्तर पहले: शनि की साढ़ेसाती जन्म के चन्द्रमा की राशि से बारहवीं राशि, फिर उसी चन्द्र राशि, और फिर उससे दूसरी राशि पर शनि के भ्रमण का कुल साढ़े सात वर्ष का काल है। पहला चरण देह, व्यय और निद्रा को छूता है, दूसरा चरण मन तथा निर्णय-शक्ति को, और तीसरा चरण धन, कुटुम्ब

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मंगल दोष कब लगता है और कब भंग होता है? जानिये पूरा सत्य

सीधा उत्तर पहले: मंगल दोष तब लगता है जब जन्मकुण्डली में मंगल लग्न से प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम अथवा द्वादश भाव में स्थित हो, और यही गणना चन्द्रमा तथा शुक्र से भी की जाती है। परन्तु यही दोष अनेक स्थितियों में भंग भी हो जाता है – मंगल जब अपनी राशि में हो, उच्च का

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